नसीब के आगे किसी की नही चलती,
लेकिन इतना याद रखना,
" बाहो में चाहे कोई भी आये ",
" महसूस वही होगा,
जो रूह में समाया होगा "
कुछ रिश्ते रूहानी होते हैं...
अपनेपन का शोर नहीं मचाया करते...
जहन में कुछ सवाल जिंदगी ने ऐसे भी छोङे हैं,
जिनका जवाब हमारे पास सिर्फ ‘खामोशी’ है
उसे फुर्सत ही कहाँ जो वक़्त निकाले....!!
ऐसे ही होते है आजकल चाहने वाले....!!
तू इस कदर साँसों में बस गया है
मेरे... *स्वीटू*
कि तेरे पास होने का ख्याल भी सुकून दे जाता है...
मैं नींद का शोकीन ज्यादा तो नही..
लेकिन तेरे ख्वाब ना देखूँ तो.. गुजारा नही होता..
दाद चाहुंगा इस शेर पर -
गौर फरमाईयेगा
बाजार में उन नोट को भी बिकते देखा...
जो कभी खरीदने की ताकत रखते थे।
हर इंसान को नमक की तरह होना चाहिये,जो भोजन में रहता है मगर दिखाई नहीं देता
और अगर ना हो तो उसकी बहुत कमी महसूस होती है
मिल सके आसानी से , उसकी ख्वाहिश किसे है? ज़िद तो उसकी है … जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं!!!!!
एहसास ए मोहब्बत क्या है ज़रा हमसे पूछो ?
करवटें तुम बदलते हो नींद मेरी उड़ जाती है ...
क्या कहूँ मैं की कहने को शब्द नहीं मिल रहे,
चलो आज ख़ामोशी ही महेसुस कर लो .....
प्यार के इम्तेहान में तू तभी पास होगा
जब मुस्कान तो मेरी होगी पर होंठ तेरे
तसल्ली से पढा होता तो समझ मे आ जाते हम
कुछ पन्ने बिना पढे ही पलट दिये है तुमने...
हवाओं ने उसके परों में जान भरा था,
तो वो आसमां की उचाई कैसे ना मापती ।।
आंसुओं की बूँदें हैं या आँखों की नमी है
न ऊपर आसमां है न नीचे ज़मी है
यह कैसा मोड़ है ज़िन्दगी का
उसी की ज़रूरत है और उसी की कमी है
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