याद उन्हीं की आती है जिनसे कुछ ताल्लुक़ हो,हर शख्स निगाह-ए-मुहब्बतसे देखा नहीं जाता,....
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"आशियाने बनाए भी तो कहाँ बनाए जनाब....
ज़मीने महँगी होती जा रही है और दिल में जगह लोग देते नहीं है...."
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अजीब हैं इस दुनिया का दस्तूर... लोग इतनी जल्दी बात नहीं मानते, जितनी जल्दी बुरा मान जाते हैं ।
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तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी!
आज वो क्यों मेरे साए से कतराते हैं!
हम भी वही हैं दिल भी वही है!
न जाने क्यों लोग बदल जाते हैं
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गुजर रही है ये जिन्दगी बड़े ही नाजुक दौर से,
मिलती नहीं तसल्ली तेरे सिवा किसी और से..
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दिल की बातो को छुपाना हमारी आदत नही,
किसी को दर्द देने की हमारी आदत नही,
आप सोचते हे हम आपको भूल गये,
पर इतने प्यारे दोस्त को भूलना हमारी आदत नही
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♥Rakhna ab mera khayal Tum Umar bhar k liye..
Lo ajj Hum ne khud ko tumari Amanat kar keh diya
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kitni Mushkilon Sy Falak per Nazar Ata hai,
Eid ke Chand Ka Andaaz Tumhare Jesa Hai..
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सालो साल बातचीत से उतना सुकून नही मिलता जितना एक बार महबूब के गले लग कर मिलता है....!!
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कुछ 'खो' कर भी जो ना मिले,,,,
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उसे मोहब्बत कहते है...
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वक़्त सीखा देता है इंसान को फलसफा जिंदगी का ,
फिर तो नसीब क्या ,लकीर क्या और तक़दीर क्या ll
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उम्मीदें..ख्वाहिशें..जरूरतें..जिम्मेदारियां,
बड़ा हुआ तब से मैं कभी अकेला नहीं रहा..।
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थोड़ी मोहब्बत तो तुझे भी थी मुझसे, ,,, वरना इतना वक़्त बर्बाद ना करती सिर्फ एक दिल तोड़ने के लिए
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..हमने हर बार बदला है खुद को उनकी खातिर...
...और वो कहते है तुम पहले जैसे नही रहे...:):):):)
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वो किसी महंगी खिलौने सी थी,,
मैं गरीब का बच्चा बस देखता ही रह गया...
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सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग,एक नज़र हमको भी देख लो. . ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती. . !!
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हम तो उनके दीदार के बहाने आते थे तेरे दर पे, माफ़ करना खुदा अगर हमसे इबादत ना हुई तो !!.
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होठों ने सब बातें छुपा कर रखीं …… आँखों को ये हुनर… कभी आया ही नहीं ……❤
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❣❣अधूरी हसरतों का आज भी इलज़ाम है तुम पर,*
*अगर तुम चाहते तो ये मोहब्बत ख़त्म ना होती।
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गज़ब का प्यार था.......उनकी "उदास" आँखों में,
गुमान तक ना होने दिया कि वो अब बिछड़ने वाला है...!!!
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सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग,एक नज़र हमको भी देख लो. . ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती. . !!
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आज हम उनको बेवफा बताकर आए है उनके खतो को पानी में बहाकर आए है . कोई निकाल न ले उन्हें पानी से… इस लिए पानी में भी आग लगा कर आए है
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"जहाँ पे आख़री साँस रहा करती है
मैंने तुझे वहीं पर छुपा के रखा है.
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तोहमते तो लगती रही रोज़ नयी नयी हम पर,
मगर जो सबसे हसीन इलज़ाम था वो तेरा नाम था..
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बहुत सुकून मिलता है सच्चे प्यार में*,
*पूरी दुनिया सिमट जाती है अपने यार में* !!❤
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भरम है तो
भरम ही रहने दो
जानती हूं मोहब्बत नहीं है
पर जो भी है कुछ देर तो रहने दो
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तो कोई बुरी आदत नहीं है हमें,
बस आपको याद करने की थोड़ी लत लग गई है !!
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जायेंगे तुम्हे यह वादा है तुमसे..*
*जिस्म से सांस का ज़रा रिश्ता तो टूट जाने दो..❗❗❗
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ए नींद अब ले चल मुझे ख्वाबों की वादियों में,*
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*कि कब से बैठा हूँ मैं तैयार दीदार-ए-यार के लिये.*
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खतों से मीलों सफर करते थे जजबात कभी, अब घंटों बातें कर के भी दिल नही मिलते...!!!
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सलीका तुमने परदे का बड़ा अनमोल रखा है.!!
यही निगाहें कातिल हैं...इन्हीं को खोल रखा है.
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सुन.. ए ठंडी ☃हवा..
जा कर बता उन्हे,
...
अब ,नही रहा जाता उनके बगैर..!!
Sachchi ...muchchi..
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दुनिया ने जब तेरा नहीं बनने दिया हमे,
पत्थर तो बन गए मगर किसी पराये के नहीं बने !!
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नामुमकिन सा मैंने एक ख़्वाब देखा,
ख़्वाब में उन्हें मोहब्बत निभाते देखा...❣
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