Aaj fir teri yaad aagyi Alone [ SAYRI ]

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बद-दुआ नहीं देता ����तुम्हे—
तुम्हे आंसू लगेंगे मेरे...✋��!

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मेरे हालात का मुझे एहसास नहीं है...

मगर सब कहते है कि मैं धीरे धीरे मर रहा हूँ.....

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मैं आज भी रोज़ उस जगह तेरा इंतज़ार करता हूँ....

जिस जगह तूने पहली बार मुझे गले लगाया था.....

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आज तक उस थकान से दुख रहा है बदन.....

एक सफ़र किया.... था मैंने ख़्वाहिशों के साथ.....

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.मिटटी भी जमा की और खिलौने भी बनाकर देखे...

जिन्दगी कभी न मुस्कुराइ बचपन की तरह...

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वो मुझसे आज भी नाराज़ है.....

किसी और की बातो पर भरोसा करके.....

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तुम्हारे अपने ही....
दुश्मन बन जायेंगे दोस्तो......
ज़रा उनसे आगे तो निकल कर तो देखो...

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जब से कदम रखा है मोहब्बत के दलदल में....

आँसुओं के सिवा कुछ ना पाया हर एक पल में.....


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बड़ी बेपरवाह हो गई है खुशियाँ भी आजकल.....

कब आती है कब जाती है पता ही नहीं चलता....��

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थाम लुँ तेरा हाथ और�� तुझे इस �� दुनिया से �� दुर ले जाऊ... जहाँ ����������तुझे ��देखने वाला�� मेरे सिवा कोई और ना हो ......!!



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"दिल करता है जिन्दगी तुझे दें दू जिन्दगी की सारी खुशी तुझे दे दूं
दे दे अगर तू मुझे भरोसा अपने साथ का तो यकीन मान अपनी साँसे भी तुझे दे दूं

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चलो रहने देते है #मुलाकातो को..आप अपने #गुरूर मे खुश हम अपने #सुरूर मे खुश..!!!

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मैंने उन तमाम परिदों के पर काट दिए...
जिन को अपने अंदर उड़ते देखा था कभी....

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क्यों बार-बार���� देखती��हो, शीशे�� को तुम����.....!!";  ➡नजर��लगाओगी क्या, ����मेरी�� इकलोती☝�� मोहब्बत��को..��..!!
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महकते गुलशन में आएँगे ....पंछी हजारों ....हर पल.....

बिगड़े वक्त में ....कोई नया दोस्त बन जाए ....तो बताना.....


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उदास कर देती है..... हर रोज ये बात मुझे,......
ऐसा लगता है भूल रहाहै .... कोई मुझे धीरे धीरे.....!!

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क्यों बार-बार���� देखती��हो, शीशे�� को तुम����.....!!";  ➡नजर��लगाओगी क्या, ����मेरी�� इकलोती☝�� मोहब्बत��को..��..!!

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इश्क एक खारा सागर सा है जो दिखती अच्छी है
पर मीठा जल नही दे सकती है

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कांटो सी चुभती है तन्हाई! अंगारों सी सुलगती है तन्हाई! कोई आ कर हम दोनों को ज़रा हँसा दे! मैं रोता हूँ तो रोने लगती है तन्हाई!

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आज तेरी याद हम सीने से लगा कर रोये .. तन्हाई मैं तुझे हम पास बुला कर रोये कई बार पुकारा इस दिल मैं तुम्हें और हर बार तुम्हें ना पाकर हम रोये
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Altaf Raja

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