वो सिखकर गई है महोब्बत मुझसे जिस से भी करेगी बे-मिसाल करोगी,

उसका शहर उसे रास ना आया होगा, उसने दर्द, अपनों ही से पाया होगा..!
दुश्मन तो उसका कोई था ही नहीं, उसे यकीनन दोस्तों ने रुलाया होगा..!














रोकने की कोशिशें तो खूब की पलकों ने, पर इश्क़ में पागल थे आँशू, खुदकुशी करते रहे..!










सिर्फ गज़ल ही उसे महसूस कर सकी..
खामोश सा दर्द जो लफ्ज़ो में उठा था..����











वो शख्स मेरी रग-रग से वाकिफ़ है इस तरह
कि उसी पे हाथ रखता है, जो दुखती बहुत है,.����












वो जहर देता तो सबकी नज़र में आ जाता,.,
फिर यूँ किया उसने कि वक्त पर दवा न दी,.����













ज़ख़्म देकर न पूछ दर्द की शिद्दत क्या है ,.,
दर्द तो दर्द है ,थोडा क्या ज्यादा क्या ,.����














ना होना बेमुरव्वत ,ना दिखाना बेरुखी ,.,
बस सादगी से कहना के "बोझ बन गये हो तुम ",.����














धुंदलासा बना है आज मंजर सारा
लगता है किसी के दिल मी बहोत कोहराम मचा है ��














रुको मैं दिल दिखाता हूँ,ये नब्ज क्या खाक बोलेगी
मरीज -ए -इश्क़ हूँ ग़ालिब ,, दवा दूर ही रखो ,.����














दर्द ही तो था थोड़ा लिख लिया,
थोड़ा कह लिया, तो कभी थोड़ा सह लिया,.����















मेरे पास ही था..उनके ज़ख्मों का मरहम...
मगर बड़े शहरों में कहाँ छोटी दुकान दिखाई देती है,.����













वो सिखकर गई है महोब्बत मुझसे
जिस से भी करेगी बे-मिसाल करोगी,.����

Altaf Raja

Aap Sabhi Logo Ka Hamare Website Pe Sawagat Hai Yaha Par Aap Motivation Stories , Sayri , Letest Qoutes , Islamic Knowladge , Hindusm Knowladge , Apna Hindustan , Sabhi Prakar Ki Sayri , Etc . Padh Sakte Hai Ummid Hai Aap Logo Ko Hamare Articles Ache Lagte Honge Isko Aap Social Media Pe Share Karke Apne Dosto Ko Jarur Dikhaye.

No comments:

Post a Comment