ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी ये बस एक दास्तां-ए ज़िंदगी होगी भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी?
ज़िन्दगी की आखिरी शाम लिखते हैं आप की याद में गुजरते पल तमाम लिखते हैं वो कलम भी दीवानी हो जाती है आप की जिस कलम से हम आपका नाम लिखते हैं !!
Har karz dosti ka ada kaun karega jab hum hi na rahenge to dosti kaun karegaAey khuda mere doston ko salamat rakhna varna mere jeene ki dua kaun karega.
जरूरी तो नहीं जीने के लिए सहारा हो जरूरी तो नहीं जिसे हम चाहे वो हमारा हो कुछ कश्तियां डुब भी जाया करती है जरूरी तो नहीं हर कश्ती का किनारा हो !!
नए दिन की नई सुबह का नया नया अंदाज़ सारे दिन की झोली में कुछ छुपे हुए हैं राज़ तुझको मुझको हर किसी को मिलना है कुछ आज तो आओ यारों ख़ुशी ख़ुशी कर लें दिन का आगाज़!! शुभ दिवस !!!
मौसम की बहार अच्छी हो फूलों की कलियाँ कच्ची हो हमारी ये दोस्ती पक्की हो और आपकी हर सुबह अच्छी हो!! शुभ दिवस !!!
सूरज की पहली किरण ख़ुशी दे आपको दूसरी किरण हंसी दे आपको तीसरी कामयाबी दे आपको चौथी तंदरुस्ती दे आपको इतना काफी है वर्ना गर्मी लग जायेगी आपको!! शुभ दिवस !!!
लबों पे मुस्कान आँखों में ख़ुशी गम का कहीं नाम ना हो हर दिन लाये आपके जीवन में इतनी खुशियाँ जिसके ढलने की कोई शाम ना हो!! शुभ दिवस !!!
ये कफ़न,
ये जनाजे,
ये कबर…
रस्म-ऐ-दुनिया है दोस्त,
मर तो इंसान तब ही जाता है
जब याद करने वाला कोई न हो…
हम भी फूलो की तरह..अक्सर तन्हा ही रहते हे,
कभी खुद से टूट जाते हे.....
कभी कोई और तोड़ जाता हे ।।।
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