नसीब के आगे किसी की नही चलती, लेकिन इतना याद रखना, महसूस वही होगा, जो रूह में समाया होगा...........
तेरे हाथों में मुझे अपनी तक़दीर नज़र आती है;
देखूं मैं जो भी चेहरा तेरी तस्वीर नजर आती है…
☄जिसको तलब हो हमारी, वो लगाये बोली,
सौदा बुरा नहीं… बस “हालात” बुरे है..!!Ⓜ
निभाते हैं दुश्मनी पर
कहते है तेरे यार हैं !
मेरी बस्ती मैं हर शख़्स
अदाकार है !!
☄ऐ इश्क़ ! तेरा वकील बन के बुरा किया मैनें,
यहाँ हर शायर तेरे खिलाफ सबूत लिए बैठा हैं…
☄लोग कहते थे की मेरा दिल पत्थर का है,,,
यकीन मानिये कुछ लोग इसे भी तोड़ गए..!!
☄सोचते थे नज़रन्दाज़ करेंगे उसे उसी की तरह,
पर नहीं कर सकते वो ज़ुल्म जिसका दर्द हम जानते है !!
☄बड़ी खुश है आज मेरे बिना भी वो ..!
जो दूर जाने के ज़िकर पे होंठो पे हाथ रख देती थी ..!
जख्म तेरे प्यार के सीने में कैद है ...।
मेरे जुबां से नही मगर पलकों से झलक ही जाते हैं...!!
शायर कहकर बदनाम ना कर मैं तो ...
रोज शाम को रोज शाम को दिल का हिसाब ...
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