#महफ़िलों से निकाल देते है☝ #अक्सर लोग हमें..
*कहते ☝है #बन्दा ये #रुलाता बहुत है..!!
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नफ़रत हो जायेगी✔ तुझे अपने☝ ही# किरदार से,
अगर मैं तेरे ही☝ अंदाज मैं तुझसे बात करुं...
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नाकाम मोहब्बत भी बड़े☝ काम की होती है दोस्तों,
दिल❤ मिले✔ ना मिले पर☝ इलज़ाम✍ जरुर मिल✌ जाता है.
HA✍
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ना☝ वो मिलती✌ है, ना✖ मै रुकता हूँ,
पता नही रास्ता गलत❌ है☝ या मंजिल...
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भटकता रहता हूँ उन☝ गलियों में जहा से तेरी ख़ुशबू आती✔ है...
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नाकाम मोहब्बत भी बड़े☝ काम की होती है दोस्तों,
दिल❤ मिले✔ ना मिले पर☝ इलज़ाम✍ जरुर मिल✌ जाता है.
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तुम्ही से☝ रूठकर☹ तुम्हे ही# सोचते रहना,
मुझे तो ठीक से नाराज होना# भी नहीं✖ आया✔ कभी ..
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हिंदू मुस्लिम ☪ सा☝ था इश्क तेरा मेरा.....
तू मंदिर से गुजरती♀ गयी मैं मस्जिद से देखता रह✔ गया....
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वो एक ☝तरफा तो ना❌ था प्यार मेरा
मगर ना जाने क्यों फ़िर✋ भी अधूरा रह गया...
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आज☝ भी सोचता हूँ# मैं कभी कभी...
मैं उसे जीत✌ भी तो सकता था#ना जाने✔ हारा क्यों...
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है आज☝ तक... वो शक्स दिल में...
जो.. 'उस' वक्त⏰ भी# मेरा नहीं❌ था...
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उदास छोड़ गया वो मुझको , खिल उठता था✔ मैं जिसके मुस्कुराने से...
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खींच लेती है# मुझे उसकी मोहब्बत;
वरना मै बहुत बार✔ मिला हूँ आखरी बार उससे.
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याद रखते✔ है #हम आज☝ भी उन्हें पहले की# तरह,
कौन कहता है फांसले मोहब्बत की याद मिटा❌ देते है...
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उसने किताब खोलकर कहा मुझसे लिखो✍ ज़िंदगी,
मैनें "सिर्फ☝ तुम" लिखकर✍ कलम तोड़⛏ दी...
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तुम्हारा हर अंदाज़ अच्छा✔ है,
सिवाय नज़र अंदाज़ करने के...
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दुनिया चाँद तक पहुँच गयी और✔ एक☝ मैं हूँ,
पता नहीं✖ तुम्हारे दिल❤ तक कब पहुँच पाऊं...
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