वक़्त का खास होना जरुरी नही,
खास के लिये वक़्त होना जरुरी हैं....
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तेरी औकात ही क्या है रुह मे मेरे बसने की...!!!?
हम तो शायर है..लोगों की नस_नस में बस जाते हे॥
किस लिए देखते हो आईना जनाब..
तुम तो ख़ुद से भी ख़ूबसूरत हो.. ❤
इंतजार रहेगा तु आ ना आ,
इरादे का पक्का हूँ ऊपर से आशिक भी तेरा हूँ..
प्यार अपनों का मिटा देता है ,इंसान का वजूद , जिंदा रहना है तो गैरों की नज़र में रहिये.......
मेरी तबाहियों की एक खास वजह है...
खुद को लुटा के दिल लगाने की सजा है...
दर्द दिल का उलेड़ा है साफ़ पन्नो पर...
तुम शायरी समझ दिल्लगी ना समझना...
हम वो हैं जो आँखों में आँखें डाल के सच जान लेते हैं,तुझसे मोहब्बत है बस इसलिये तेरे झूठ भी सच मान लेते हैं !.
दोस्ती कभी ख़ास लोगों से नहीं होती, जिनसे हो जाती है वही लोग ज़िन्दगी में ख़ास बन जाते है !
मेरे ही गुनाह हैं की तकलीफ़ पाता हूँ...
ख़ुद काँच हूँ पत्थर से दिल लगाता हूँ...
हम समंदर भर भी रोये तो भी जिंदा थे...
क़त्ल तो उस बूँद से हुए जो उनकी आँखों से बह गयी...
बोलूँ अगर मैं झूठ तो मर जाएगा ज़मीर
कह दूँ अगर सच तो मुझे मार देंगे लोग
जानता हूँ तुम सो गयी हो मुझे पढ़ते हुए,
मगर मैं रात भर जागूँगा, तुम्हे लिखते हुए !!
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फिकर उसकी करो जो तुम्हारी फिकर करे,
वैसे तो जिन्दगी मे हमदर्द बहोत हैं।
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