किसने कहा,
दिल में मेहमान बनके आने को,
ए दोस्त ....
ये तेरी सल्तनत है,
सुलतान बनकर आया कर..
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याद आने की वजह बहुत अजीब है तुम्हारी...
तुम वो गैर थे जिसे मैने एक पल में अपना माना...
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हम ने अक्सर तुम्हारी राहों में
रुक कर अपना ही इंतिज़ार किया
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वापसी का सफर अब मुमकिन न होगा हमसे,
हम तो निकल चुके हैं आँख से आँसू की तरह.
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जब चलना नहीं आता था तो गिरने नहीं देते थे लोग,
जब से संभाला है खुद को हर कदम पे गिराने की सोचते है लोग !!
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किसीका तो होना ही है तुझे,
तो क्यूँ ना मेरे ही हो जाओ !!
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एहसास सिर्फ उन्हें होता है,
जिसके सीने में दिल होता है !!
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वक्त पर चीजों की कदर नहीं होती,
कदर तब होती है जब वक्त गुजर जाता है !!
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जो बदल जाए वो यार कैसा,
जो छोड़ जाए वो साथी कैसा !!
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नन्हा सा दिल भले ही हो,
पर उसमे जगह बहोत है तुम्हारे लिये !!
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छोड़कर चली गयी वो पगली ये कह कर जब तुम एक लाख के change नही ला सके तो,चाँद तारे क्या लाओगे..
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Mohabbat Har Insaan Ko Aazmati Hai,
Kisi Se Rooth Jaati Hai Par Kisi Pe Muskurati Hai,
Mohabbat Khel Hi Aisa Hai,
Kisi Ka kuch nahi Jaata Kisi Ka Sab Kuch Chala Jaata Hai…
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चंद शक्स आज हँसे थे मुझ पर...
एक कम्बखत, आईने में भी था...
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Yun to koi tanha nahi hota, chaah kar koi juda nahi hota.
Mohabbat ko to majburiya hi le dubati hain, warna khushi se koi bewafa nahi hota.
☺
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Ab bhi taaza hai zakhm seene mein,
Bin tere kya rakha hai jeene mein,
Hum to zinda hain tera sath paane ko,
Warna deir kitni lagti hai zaher peene mein.
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