☄इश्तिहार दे दो कि ये दिल ख़ाली है !
वो जो आया था किरायेदार निकला !!
☄ना जाने क्या कहा डूबने वाले ने समंदर से …
लहरे आज भी किनारे पर सर पटक रही है
कैसे लफ्जों में बयां करूँ मैं खूबसूरती तुम्हारी,
सुंदरता का झरना भी तुम हो <3 <3
मोहब्बत का दरिया भी तुम हो..!!
जो हुक्म करता है वो इल्तेज़ा भी करता है..
ये आसमां भी जा कर कहीं पे झुकता है,
तू अगर बेवफा है तो ये बुरी खबर भी सुन ले..
मेरा इंतज़ार कोई और भी करता है..!!
दिल की चोटो ने कभी चेन से न रेह न दीया
जब चली सरद हवा मेने तुझे याद कीया
☄तेरे शहर के कारीगर बङे अजीब हैं ए दिल,
काँच की मरम्मत करते हैं पत्थर के औजारों से..
❣❣सुना था तेरी महफिल में सुकूने-दिल भी मिलता है,.,
मगर हम जब भी तेरी महफिल से आये, बेकरार आये,.,!!!
कभी भी अच्छे इंसान से दुश्मनी मत करो .
क्यूँ कि जब एक खूबसूरत आइना टूट जाता हैं
तो खतरनाक हथियार बन जाता हैं....
☄ बिना भी गुजर जाती है उनकी शामें आजकल…..
कभी सुबह फोन पे कहते थे, “तुम बिन सुबह नही होती”!!
☄वो सुना रहे थे अपनी वफाओ के किस्से,
हम पर नज़र पड़ी तो खामोश हो गए।”
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