"किताबों के पन्नो को पलट के सोचता हूँ,
यूँ पलट जाए मेरी ज़िंदगी तो क्या बात है.
ख्वाबों मे रोज मिलता है जो,
हक़ीकत में आए तो क्या बात है."
"चिंगारी का खौफ न दो हमें,
दिल में आग का दरिया बसाये बैठे हैं.
जल जाते कब के इस आग में,
मगर खुद को आंसुओं में भिगोये बैठे हैं."
"कुछ लोग सितम करने को तैयार बैठे हैं,
कुछ लोग हम पर दिल हार बैठे हैं,
इश्क को आग का दरिया ही समझ लीजिये,
कुछ इस पार तो कुछ उस पार बैठे हैं."
मेरी मोहब्बत की तक़दीर देखो ,
जो रूठे थे उनके पैगाम आ रहे हैं,
जब मार डाला मेरी प्यास ने मुझको,
वो आँखों में लेकर जाम आ रहे हैं..
तेरे हाथ की काश मैं वो लकीर बन जाऊं,
काश मैं तेरा मुक़द्दर तेरी तक़दीर बन जाऊं..
मैं तुम्हें इतना चाहूँ कि तुम भूल जाओ हर रिश्ता,
सिर्फ मैं ही तुम्हारे हर रिश्ते की तस्वीर बन जाऊं..
तुम आँखें बंद करो तो आऊं मैं ही नज़र,
इस तरह मैं तुम्हारे हर ख्वाब की ताबीर बन जाऊं.
वो रुठ कर बोली क्यूं इतना दर्द लिखते हो....
मैंने मुस्कुरा के कहा... शायरी कोई कानूनन जुर्म तो नहीं..।।
तेरी औकात ही क्या है रुह मे मेरे बसने की...!!!?
हम तो शायर है..लोगों की नस_नस में बस जाते हे॥
❛एक फूल अजीब था,
कभी हमारे भी बहुत करीब था,
जब हम चाहने लगे उसे,
तो पता चला वो किसी दूसरे का नसीब था ।❜
किस लिए देखते हो आईना जनाब..
तुम तो ख़ुद से भी ख़ूबसूरत हो.. ❤
कभी भुला देते हो,
कभी याद कर लेते हो,
कभी रुला देते हो,
कभी हँसा देते हो,
पर सच कहू,
जब आप दिल से याद करते हो,
तो ज़िन्दगी का एक पल बढ़ा
देते हो
दफन हो चुकी mhobbat m अब कोई चिंगारी बाकी नही ,
राख हो चुकी चाहत मॆरी अब कोई अहसास बाकी नही ।
इंतजार रहेगा तु आ ना आ,
इरादे का पक्का हूँ ऊपर से आशिक भी तेरा हूँ..
कल रात मैंने अपने सारे ग़म कमरे की दीवार पर लिख डाले,
बस फिर हम सोते रहे और दीवारें रोती रही..
A✍
प्यार अपनों का मिटा देता है ,इंसान का वजूद , जिंदा रहना है तो गैरों की नज़र में रहिये.......
मेरी जान तुमपे सदके
एहेसान इतना कर दो...
मेरी जिंदगी में अपनी...
चाहत का रंग भर दो. .
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