वो तेरा धीमीं सी सासों की आवाज़ में हैलो बोलना,
आज भी अन्धेरी रातों में मेरे कानों मे गूँजता है...
पुछने पर कि कौन बोल रहा है?
वो पगली मेरी माँ बन जाया करती थी...
पूरी रात अपने हसते मुस्कुराते आवाज़ में,
गालीयों के साथ "लव यू मेरा बच्चा" बोला करती थी...
रखी हैं यादें तेरी मैने एलबम में सजाकर,
पर हिम्मत नहीं पड़ती देखने की पन्ने पलट कर...
रात भर की वो बक बक क्वीन ना जाने काहा खो गयी है,
मुझे पता है कि मैं ही नही अकेले में वो भी रो रही है...
आ जाओ ना अभी लौट कर आगे का बाद में देख लेंगे,
फिर कभी कह दोगी तो हस के छोड़ देंगे...
अगर जरूरत पड़ी तो कीसी और के नाम की मेंहदी तेरे हाथों मे मै खुद लगा दूँगा,
खुशी खुशी तू जहाँ कहेगी तूझे वहाँ मैं विदा कर दूँगा...
पर अभी ना जाओ यूँ मुझे अकेला छोड़ के,
कोई नहीं है मेरा इस दुनिया में तुझे छोड़ के...
सर आँखों पे बिठा के रखूँगा नहीं जाने दूँगा कहीं,
प्यार तुझे उतना करूंगा जितना किसी ने कीया होगा नहीं...
कह दे दिल पे हाथ रख कर कि तू मुझे भूल जाना चाहती है,
बोल दे एक बार मुझसे कि नहीं तुझे मेरी याद सताती है...
फिर खा लूँगा कसम कभी शकल नहीं दिखाऊँगा,
चला जाऊँगा तुझसे दूर कभी लौट कर नहीं आऊँगा..!!
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