*जिंदगी के है दो जहां*
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एक ये जहां
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एक वो जहां
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इन दो जहांनो के दरमियां बस फासला है इक *सांस* का
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*जो चल रही है तो ये जहां*
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*जो रूक गई तो वो जहां*
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*सांसो की इस माला में मोती पढ़ लो दुरूद की*
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फिर ये जहां हो
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या
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वो जहां
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*हमारे साथ होंगे ताजदार ए दो जहां* ﷺ
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