Aaj Hawao me kuch alag si bat h [ Sayri ]


okat ki mat Pucho bahut jydaa hoti hai uski,

   wo Chod de tum uff naa karoge ......



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मौसम जो ये थोड़ा खुश्क हो जायेगा,

न उलझिए हमसे जनाब , इश्क़ हो जायेगा..��


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बनि है यह महफ़िल कॉपी past के लिये

आटा है यहां हर कोई हाल ए दिल कहने....

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maaaf krna dosti muze shyari likhna na ata..

betha apke sath sikhne ke liye




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Nhi aati yha shayri kisi ko,

  bas kuch bhi likh dete hai uska naam lakr



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बहुत सताती हो तुम यो जवाब ना दे कर...

   एक दिन मै भी रुलाओंग तुम्हे तनहा छोड़कर....



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चलता आ रहा था सिलसिला प्यार में बर्बाद होने का,
भीड़ देखकर हम भी शामिल हो गए साहब !


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हम तो पता भी नही था कैसे उसके दीवाने हो गये,

  वो थोड़ा ज्यादा बोलती  थी फिर भी उसी के दीवाने हो गये




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दबी हुई थी जो बातें दिल में वो बाहर आ रही है...
मेरी मासूम सी मोहब्बत शायरी में मुस्कुरा रही है...!!




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*खुलासा तो कर दूँ , दिल की दौलत का मगर,*

*मेरी ये संपत्ति, मेरी आय से अधिक है !



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ऐसा तो नहीं, उन्हें मेरा खयाल आया न होगा*��

*ये बात दूसरी है , उन्होंने ये राज बताया ना होगा*��



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क्या हुनर है तुझमे पगली....हमारे बेग से
कोई
पेन्सिल ना चुरा पाया और तूने सीने से
दिल चुरा लिया...
��




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कहने को तो कई बाते है इस दिल में
मुख़्तसर लफ्जो में आखिरी ख्वाहिश सिर्फ तुम हो��



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"आशियाने बनाए भी तो कहाँ बनाए जनाब....
ज़मीने महँगी होती जा रही है और दिल में जगह लोग देते नहीं है...."��



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अजीब हैं इस दुनिया का दस्तूर... लोग इतनी जल्दी बात नहीं मानते, जितनी जल्दी बुरा मान जाते हैं ।����



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कागज़ पर मेरा बिकता रहा
मैं बैचैन था रातभर लिखता रहा !!

छू रहे थे सब बुलंदियाँ आसमान की
मैं सितारों के बीच, चाँद की तरह छिपता रहा !!

दरख़्त होता तो, कब का टूट गया होता
मैं था नाज़ुक डाली, जो सबके आगे झुकता रहा !!

बदले यहाँ लोगों ने, रंग अपने-अपने ढंग से
रंग मेरा भी निखरा पर, मैं मेहँदी की तरह पीसता रहा !!

जिनको जल्दी थी, वो बढ़ चले मंज़िल की ओर
मैं समन्दर से राज गहराई के सीखता रहा !!



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तरसते थे जो मिलने को हमसे कभी!
आज वो क्यों मेरे साए से कतराते हैं!
हम भी वही हैं दिल भी वही है!
न जाने क्यों लोग बदल जाते हैं


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;ना चाहते हुए भी, तेरे बारे में, बात हो गई ...
कल आईने में, तेरे आशिक़ से, मुलाक़ात हो गई..




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में मर जाऊ और
मिले मेरा हमदम तो उस से कह देना.....!!



बिना तेरी मुहब्बत के वो पागल जी नही पाया.....!

Altaf Raja

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