ईद की सुन्नत।।
ईदुल फ़ित्र के दिन कुछ खजूर
खाकर नमाज़ पढ़ने जाना सुन्नत है
नबी ﷺ ताक आदत मैं *( 1,3,5,7 )*
खजूर खाते।
अफज़ल *3* खजूर खाना है।।
(बुखारी)
ईद की नमाज़ के लिए पैदल चल
के जाना/आना अफज़ल है।
ईद की नमाज़ क लिए जाते/आते
वक़्त रास्ता बदल के जाये। यानि
एक रास्ते से जाए और दूसरे रस्ते से आये।।
(बुखारी)
ईद मिलते वक़्त की दुआ
*तकाबल्लाहु मिन्हा व मिंकूम*
नबी ﷺ ने दो दिन रोज़े रखने से मना किया है।
1,ईदुल फ़ित्र।
2,ईदुल अड़हा।
जिस ने ईद के दिन 300 मर्तबा,
सुबहान अल्लाहि व बी हमदिहि..!
पढ़ कर उसका सवाब इन्तेकाल
होजाने वाले सब मुसलमानों को
बख्सा तो हर क़ब्र मैं 1000 नूर
डाखिल होंगे।
और जब वो पढ़ ने वाला खुद
का इंतेकाल होगा तो उसकी
क़ब्र मै भी अल्लाह तआला
1000 नूर दाखिल करेगा।।
*सुबहनल्लाह*
कोशिस करो के ये msg ईद से
पहले ज्यादा से ज्यादा मुसल्मानो
तक पोहच जाये।।
अल्लाह आप को इसका अजर
अता फरमाये।।
आमीन या रब्बुल आलमीन।।
*दुआ ऐ तालिब*
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